वो कारवां मेरे बचपन का

नीला सा आसमान  था
मेरे बचपन का
उस में उड़ने का
अरमान था
मेरे बचपन का
थी तंग गलियां
मेरे मोहल्ले की
पर उन में
राजा सा सम्मान था
मेरे बचपन का

वो चढ़ जाना
शहतूत के
पेड़ पे
चलाना जोर से
टायर मेन रोड पे
खरचना २ रुपए
कंचे वाली कुल्फी पे
बांधना पट्टियाँ
चोटिल दोनों घुटनों पे
ये तो बड़ा ही
शान का काम था
मेरे बचपन का

होली पर लगाना रंग
टूटी मुंडेर से
उड़ना पतंग
बारिश में चलाना नाव
नहाना ख़ूब
ओलों में जनाब
जन्माष्टमी पे
लगाना झांकिया
दशहरे पे
तीर कमान
दिवाली पे
जलाना हाथ
मिल कर
भाई के साथ
ये तो बड़ा ही
अनिवार्य काम था
मेरे बचपन का

वो बोरिंग के नीचे नहाना
वो पडोसी की घंटी बजाना
वो क्रिकेट में रोमंची खाना
लेके अपनी बैटिंग
बोलिंग से मुकर जाना
ये तो बड़ा ही
साहसी काम था
मेरे बचपन का


नीला सा आसमान  था
मेरे बचपन का
उस में उड़ने का
अरमान था
मेरे बचपन का
थी तंग गलियां
मेरे मोहल्ले की
पर उन में
राजा सा सम्मान था
मेरे बचपन का

जाने कहां छूट गया
वो पल मेरे बचपन का
वो कारवां मेरे बचपन का

Comments

  1. feeling gud in knowing d memories of wonderful dys of my hubby..but those dys r never automatically over..if u wish u can enjoy such moments forever ur lyf..n do enjoy

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