एक तू वहाँ तन्हा

एक तू वहाँ तन्हा
एक मैं यहाँ तन्हा
हमारी मोहबत्तों का
एक अकेला ख़ुदा गवाह

लेलेता रब सब खुशियाँ
देदेता ग़म वो बेइंतिहा
जो होती साथ मेरे तू
ना मुझको होती कुछ परवाह
हमारी मोहबत्तों का
एक अकेला ख़ुदा गवाह

तेरी बेवफाई को
रखेंगे हम सहेज के
तेरी चाहतों का एक
महल हम बनाएंगे
जो वादे तोड़ दिये तूने
वो महल उनसे सजायेंगे
जुदा होकर तू ख़ुश है
चलो इसमें भी क्या गिला
फिर ना पूछे कोई हमसे
कि करके इश्क़ क्या मिला
हमारी मोहबत्तों का
एक अकेला ख़ुदा गवाह

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